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भ्रामक, प्रचारात्मक और अनचाही व्यावसायिक कॉलें उपभोक्ताओं की गोपनीयता और अधिकारों का उल्लंघन करती हैं: उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव

केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को प्राप्त होने वाली अप्रिय/प्रचारात्मक या अनचाही वाणिज्यिक कॉलों के मुद्दे के समाधान के संबंध में दिशानिर्देशों का प्रारूप तैयार करने के लिए समिति का गठन किया

वित्तीय सेवा और रियल एस्टेट ऐसे प्रमुख क्षेत्र हैं, जहां से ऐसी अधिकांश कॉलें प्राप्त हुईं

प्रविष्टि तिथि: 15 FEB 2024

भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग ने उपभोक्ताओं को प्राप्त होने वाली अप्रिय/प्रचारात्मक या अनचाही व्यावसायिक कॉलों की समस्या के समाधान के लिए दिशानिर्देशों का प्रारूप तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया है। इस समिति में दूरसंचार उद्योग, नियामक निकाय जैसे कि दूरसंचार विभाग (डीओटी), वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस), आवास और शहरी कार्य मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक, बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा), भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई), सेलुलर ऑपरेशन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई), दूरसंचार कंपनियों के सदस्य और वीसीओ शामिल हैं।

विभाग ने 14 फरवरी, 2024 को डीओसीए के सचिव श्री रोहित कुमार सिंह की अध्यक्षता में अप्रिय/प्रचारात्मक/अनचाही वाणिज्यिक कॉलों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाई थी।

इस बैठक में अप्रिय/प्रचारात्मक/अवांछित वाणिज्यिक कॉलों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई। यह पाया गया कि ये कॉलें न केवल उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता बल्कि, उपभोक्ताओं के अधिकारों का भी उल्लंघन करती हैं। ऐसी अधिकांश कॉलें वित्तीय सेवा क्षेत्र से आती हैं और उसके बाद रियल एस्टेट क्षेत्र का स्थान आता है। इसके अलावा इस बात को भी रेखांकित किया गया कि स्पैम कॉल करने वाले अब इंटरनेट कॉल पर स्विच कर रहे हैं, विशेष रूप से ग्राहकों को पोंजी योजनाओं, क्रिप्टो निवेशों और नौकरी के अवसरों की पेशकश करने के लिए व्हाट्सएप का उपयोग कर रहे हैं।

दूरसंचार विभाग और दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा पंजीकृत टेलीमार्केटर्स से स्पैम संदेशों व परेशान करने वाली कॉलों से संबंधित समस्या के समाधान के लिए पहले ही प्रयास किए जा चुके हैं। टेलीमार्केटर्स को सलाह दी गई है कि वे अपनी व्यावसायिक इकाई, प्रेषक आईडी और एसएमएस टेम्पलेट डीएलटी प्लेटफॉर्म पर प्राप्त करें। डीएलटी प्लेटफॉर्म एयरटेल, वोडाफोन, जियो, बीएसएनएल आदि जैसे ऑपरेटरों की ओर से संचालित पोर्टल हैं, जहां व्यवसायों को अपने कारोबार का विवरण देकर पंजीकरण करना होता है।

ट्राई (भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण) ने डीएलटी (वितरित लेजर प्रौद्योगिकी) की शुरुआत करके बल्क (एक साथ काफी संख्या में) एसएमएस सेवा उद्योग के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। डीएलटी एक ब्लॉक-चेन आधारित पंजीकरण प्रणाली है, जो व्यावसायिक संस्थाओं के किए गए सभी लेन-देन का रिकॉर्ड बनाए रखेगी। ट्राई डीएलटी नियमों का एकमात्र उद्देश्य प्रणाली में पारदर्शिता लाना, एसएमएस स्पैम के खतरे से निपटना और उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी अभ्यासों से बचाना है।

इस बैठक के दौरान यह बताया गया कि बैंकिंग व वित्तीय सेवाओं, रियल एस्टेट, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और अन्य वाणिज्यिक संस्थाओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों के सभी टेलीमार्केटर्स को पहले ही सलाह दी गई है कि वे अपने फोन नंबर से पहले 140 संख्या लगवाएं, जिससे उपभोक्ता कॉल करने वाले की पहचान सकें। यह ग्राहकों को इस बात पर अधिक नियंत्रण देता है कि वे किस प्रकार की कॉल या टेक्स्ट प्राप्त करना चाहते हैं। विभिन्न अपंजीकृत टेलीमार्केटर्स इन प्रावधानों का अनुपालन नहीं करते हैं। इस बैठक में जोर दिया गया कि सभी टेलीमार्केटर्स को इन सक्षम प्रावधानों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए।

इस बैठक में दूरसंचार विभाग (डीओटी), भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई), सेलुलर ऑपरेशन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई), भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल), वोडाफोन, एयरटेल और रिलायन्स के प्रतिनिधि शामिल थे।

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