Saturday, June 15, 2024
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संसाधनों को प्रभावी बनाने, सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने और भारत में मानसिक स्वास्थ्य सहायता की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए टेली मानस के साथ किरण मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास हेल्पलाइन के विलय की घोषणा

नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी के पॉल ने मानसिक स्वास्थ्य, राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के अनुभव से प्राप्त जानकारी पर राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया

सेवा चाहने वालों की संख्या में तेजी से वृद्धि को देखते हुए, अक्टूबर 2022 में शुरूआत के बाद से टेलीमानस ने 6,75,000 कॉलों को संभाला

आयुष्मान आरोग्य मंदिर की मजबूत प्रणाली देश भर में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है: डॉ वी के पॉल

“मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सभी को जागरूक करने के लिए जन आंदोलन समय की मांग”

विशेष शिक्षा और उपचार के साथ उचित देखभाल सहित नवीन तरीकों से बच्चों से संबंधित मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के निवारण में मदद मिल सकती है: सचिव, दिव्यांगजन अधिकारिता विभाग

प्रविष्टि तिथि: 15 FEB 2024 3:33PM by PIB Delhi

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल ने आज यहां मानसिक स्वास्थ्य पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। कार्यशाला का उद्देश्य टेलीमानस के लिए परामर्श देने वाले संस्थानों के साथ-साथ सभी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों को एक जगह पर लाना है, जो देश में मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सचिव डॉ. राजेश अग्रवाल भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर, डॉ. पॉल ने किरण मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास हेल्पलाइन के टेलीमानस के साथ विलय की घोषणा की। किरण मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास हेल्पलाइन ने सितम्बर 2020 में  राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन टेली-मानस के साथ 1,27,390 से अधिक कॉल करने वालों को सेवा प्रदान की है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 10 अक्टूबर 2022 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर टेली-मानस की शुरूआत की थी। टेली-मानस में सेवा चाहने वालों की संख्या में तेजी से वृद्धि देखी गई और तब से इसने 6,75,000 कॉलों को निपटाया है। दोनों के बीच विलय का उद्देश्य संसाधनों को प्रभावी बनाना, सेवा की गुणवत्ता में वृद्धि करना और विलय प्रक्रिया की निर्बाध गति और व्यापक जनजागरूकता को बढ़ावा देकर भारत में मानसिक स्वास्थ्य सहायता की बढ़ती मांग को पूरा करना है। अगले तीन महीनों के लिए, किरण से कॉल को टेलीमानस पर डायवर्ट कर दिया जाएगा और अंततः, पहली हेल्पलाइन को चरणबद्ध तरीके से बंद कर दिया जाएगा।

टेलीमानस के साथ किरण मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास हेल्पलाइन के विलय से उत्साहित डॉ. पॉल ने कहा कि “इससे बोझ कम होगा और संबंधित व्यक्तियों तक आसानी से पहुंचने में मदद मिलेगी”।

इस अवसर पर, डॉ. वी के पॉल ने कार्यशाला के माध्यम से दो दिन की अवधि में सभी हितधारकों को एक मंच पर लाकर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यशाला जीवन के सभी क्षेत्रों से सर्वोत्तम विचारों और सीखों पर मंथन करेगी और देश में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों से संबंधित एक मजबूत स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली तैयार करने में मदद करेगी।

स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों, विशेष रूप से अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि “यह कार्यशाला देश भर में अच्छी तरह से विकसित प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिर के नेटवर्क के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के समाधान के तरीके खोजने में सहायक होगी”। उन्होंने कहा, “आयुष्मान आरोग्य मंदिर की मजबूत प्रणाली एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और पूरे देश तक पहुंचने में सहायक होगी।”

उन्होंने भारत को एक स्वस्थ राष्ट्र बनाने के हित में सभी से मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर ‘जन आंदोलन’ के रूप में एकजुट होने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, “इस उद्देश्य के लिए हर किसी को एकजुट होने की जरूरत है, चाहे वह सरकार, समुदाय, एनजीओ या व्यक्ति हो, तभी इस मुद्दे को जीता जा सकता है।”

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सचिव डॉ. राजेश अग्रवाल ने कहा कि “उपचार के साथ विशेष शिक्षा और उचित देखभाल सहित नवीन तरीकों से बच्चों से संबंधित मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के निवारण में मदद मिल सकती है”। उन्होंने टेलीमानस के साथ किरण हेल्पलाइन के समय पर जुड़ने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का भी आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर, कानूनी सहायता प्रदाताओं, देखभाल करने वालों और संदर्भ के लिए और केंद्रीय मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के मानसिक स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों के लिए मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कानून, 2017 को लागू करने के लिए तीन प्रशिक्षण नियम पुस्तिकाएं ट्रेनिंग मैनुअल जारी की गईं। ये नियम पुस्तिकाएं मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कानून, 2017 की जटिलताओं को सरल बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में काम करने के लिए हैं। ये नियम पुस्तिकाएं कानूनी सहायता प्रदाताओं, मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सकों और देखभाल करने वालों के लिए तैयार किए गए हैं और भारत में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के आसपास के कानूनी ढांचे को नेविगेट करने पर व्यापक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

पृष्ठभूमि:

दो दिवसीय कार्यशाला के कई सत्रों में अनेक विषय शामिल होंगे, जिसमें टेली मानस और परामर्श संस्थानों की भूमिका में नीति समीक्षा, जागरूक सत्र, प्राथमिक और माध्यमिक स्वास्थ्य देखभाल में मानसिक स्वास्थ्य के जुड़ने, वैश्विक सर्वोत्तम कार्य प्रणाली मॉडल, मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता को बढ़ाना, चुनौतियाँ और आगे का रास्ता सहित विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल होगी। कार्यशाला में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों द्वारा संचालित पैनल चर्चाएं होंगी, जो मानसिक स्वास्थ्य देखभाल में अंतर्दृष्टि, अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।

इस अवसर पर एमओएचएफडब्ल्यू के अपर सचिव और मिशन निदेशक सुश्री एल एस चांगसन ; एमओएचएफडब्ल्यू की आर्थिक सलाहकार सुश्री इंद्राणी कौशल; भारत में डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ. रोडेरिको एच ऑफ्रिन; राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. बी. एन. गंगाधर; निमहंस की निदेशक डॉ. प्रतिमा मूर्ति और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र के विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।

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