Saturday, May 16, 2026

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वर्षा आधारित इकोसिस्टम में जलवायु अनुकूल कृषि के लिए डिजिटल पूर्वानुमान तकनीक और निर्णय समर्थन प्रणाली’ विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला आज नई दिल्ली में आयोजित हुई

भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण विभाग के अधीन राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण (एनआरएए) ने आज नई दिल्ली स्थित पूसा में ‘वर्षा आधारित इकोसिस्टम में जलवायु अनुकूल कृषि के लिए डिजिटल पूर्वानुमान तकनीक व निर्णय समर्थन प्रणाली’ विषय पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यशाला की अध्यक्षता कृषि और किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त सचिव व एनआरएए के सीईओ श्री फैज अहमद किदवई ने की। इस कार्यशाला की शुरुआत प्रमुख भाषणों की श्रृंखला के साथ हुई। इसके तहत भारत में एफएओ (खाद्य और कृषि संगठन) के प्रतिनिधि श्री ताकायुकी हागिवारा और संयुक्त सचिव (आरएफएस) डॉ. श्री फ्रैंकलिन एल. खोबुंग ने कार्यशाला को संबोधित किया। 

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यह कार्यशाला अभिनव समाधानों की पहचान करने, पूर्वानुमान मॉडल में सुधार करने और प्रभावी जोखिम शमन उपायों के लिए एक मजबूत ढांचा विकसित करने पर केंद्रित थी। इन उपायों में फसल चयन, पोषण प्रबंधन, मौसम संबंधित चेतावनी, कीट व रोग प्रबंधन, बाजार की जानकारी और फसल कटाई के बाद की सलाह शामिल हैं। कृषि और जलवायु क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता की। इन सत्रों में डिजिटल पूर्वानुमान तकनीकों की जटिलताओं को रेखांकित किया गया और कृषि संसाधनों तक पहुंच के लिए एकीकृत प्रणालियों की जानकारी प्रदान की गई। वहीं, इस कार्यशाला के तहत चर्चाएं डिजिटल कृषि के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित रहीं, जिनमें भू-स्थानिक समाधान और कृषि को सशक्त बनाने में एग्रीमीडिया की भूमिका शामिल हैं।

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इस कार्यशाला में प्रभावशीलता का आकलन करने व प्रौद्योगिकियों को उन्नत करने के लिए रणनीति तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ गहन तकनीकी चर्चाएं, एनआरएए-एफएओ परियोजना के परिणामों पर जीवंत ओपन-हाउस चर्चाएं आयोजित की गईं। इसके साथ लाभार्थी किसानों ने डिजिटल पूर्वानुमान तकनीकों के व्यावहारिक निहितार्थों को लेकर अमूल्य जानकारी प्रदान करते हुए अपने अनुभवों को साझा किया। इस कार्यशाला ने सरकारी अधिकारियों, कृषि विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और हितधारकों के लिए वर्षा आधारित कृषि में जलवायु लचीलापन बढ़ाने के उद्देश्य से अभिनव रणनीतियों व प्रौद्योगिकियों का पता लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया। वहीं, सरकारी प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ, किसान और एनजीओ वर्षा आधारित कृषि की चुनौतियों से निपटने को लेकर एक समग्र दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए अपनी विशेषज्ञता का योगदान देने के लिए एक मंच पर उपस्थित हुए।

इस कार्यशाला का समापन सहभागिता और ज्ञान के आदान-प्रदान पर ध्यान देने के साथ टिकाऊ कृषि अभ्यासों के लिए आगे का रास्ता तैयार करने के दूरदर्शी उद्देश्य के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने इस क्षेत्र में क्रांति लाने और पूरे देश के किसानों के लिए आजीविका संबंधित सुरक्षा बढ़ाने के लिए डिजिटल कृषि की क्षमता के बारे में आशा व्यक्त की।

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