Sunday, May 10, 2026

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भारत और वियतनाम गुजरात के लोथल में एनएमएचसी के साथ समुद्री इतिहास को संरक्षित करने के लिए एक साथ आये

नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत और वियतनाम के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए

एनएमएचसी सहयोग के तहत दोनों देशों की समुद्री विरासत को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से विभिन्न पहलू शामिल किये जायेंगे

यह साझेदारी, न केवल हमारे दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों को उजागर करती है, बल्कि भविष्य के सांस्कृतिक आदान-प्रदान और रणनीतिक सहयोग के लिए भी मंच तैयार करती है: श्री सर्बानंद सोनोवाल

प्रविष्टि तिथि: 01 AUG 2024: भारत और वियतनामदो ऐसे देश जिनका समुद्री इतिहास समृद्ध और आपस में जुड़ा हुआ हैगुजरात के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (एनएमएचसीविकसित करने के लिए एक साथ आये हैं। सदियों पुराने समुद्री संबंधों पर आधारित यह साझेदारी दोनों देशों के बीच स्थायी बंधन और साझा विरासत को संरक्षित करने की उनकी प्रतिबद्धता को उजागर करती है। आजप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और वियतनाम के प्रधानमंत्री श्री फाम मिन्ह चीन्ह की उपस्थिति में नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत और वियतनाम के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयूपर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता ज्ञापन एनएमएचसी को स्वरुप देने के लिए सहयोगात्मक प्रयासों का एक महत्वपूर्ण कदम हैजो दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।

एनएमएचसी पर सहयोग के तहतदोनों देशों की समुद्री विरासत को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से विभिन्न पहलू शामिल किये जायेंगे। यह परिसर भारत और वियतनाम के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर देगाजो उनके साझा समुद्री इतिहास की निकटता और लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को उजागर करेगा। दोनों देश अपने समुद्री इतिहास से संबंधित कलाकृतियोंप्रतिकृतियोंचित्रोंअभिलेखीय डेटा और अन्य पुरावशेषों के आदानप्रदान और ऋण देने के आधार पर मिलकर काम करेंगे। कलाकृतियों के आदानप्रदान के अलावायह सहयोग डिजाइनतकनीकी कार्यान्वयन और रखरखाव में विशेषज्ञता साझा करने तक विस्तारित होगा। इसका उद्देश्य एनएमएचसी को एक शैक्षिक और मनोरंजक स्थान बनाना हैजो नवीनतम तकनीक का उपयोग करता है।

केन्द्रीय पत्तनपोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा“लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर पर भारत और वियतनाम के बीच सहयोग हमारे समृद्ध समुद्री इतिहास को संरक्षित करने और इसकी खुशी मनाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह साझेदारीन केवल हमारे दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों को उजागर करती हैबल्कि भविष्य के सांस्कृतिक आदानप्रदान और रणनीतिक सहयोग के लिए भी मंच तैयार करती है। साथ मिलकरहम एक ऐसा सेतु बना रहे हैंजो हमारे अतीत का सम्मान करते हुए एक समृद्ध भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है।

वियतनाम और भारत समुद्री विरासत पर केंद्रित अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देनेडिजाइन की जानकारी साझा करने और एक समुद्री विरासत और संरक्षण प्रयोगशाला विकसित करने में भी सहयोग करेंगे। एनएमएचसी सांस्कृतिक आदानप्रदानअनुसंधान और सीखने के लिए एक केंद्रबिंदु के रूप में काम करेगाजिसमें शैक्षिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों पर ज़ोर दिया जाएगा। यह पहलन केवल भारत और वियतनाम के समृद्ध समुद्री इतिहास को संरक्षित करेगीबल्कि दोनों देशों के बीच बेहतर समझ और सहयोग को बढ़ावा देगीजिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी।

गुजरात सरकार ने एनएमएचसी के लिए सरगवाला गाँव में 400 एकड़ ज़मीन आवंटित की है और परियोजना के लिए बाहरी अवसंरचना का विकास भी किया है।

चरण 1ए का निर्माण कार्य जोरों पर है और 55% से अधिक भौतिक प्रगति पहले ही हासिल की जा चुकी है। अगले साल परियोजना को जनता के लिए खोल दिया जाएगा। समुद्री परिसर में दुनिया के सबसे ऊंचे लाइटहाउस संग्रहालयों में से एकदुनिया की सबसे बड़ी खुली जलीय गैलरी और भारत का सबसे भव्य समुद्री संग्रहालय होगाजो इसे एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल बनाएगा।

मार्च 2022 में शुरू हुई इस परियोजना को लगभग 4500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है और इसमें कई नवीन और अनूठी विशेषताएं शामिल होंगी। इनमें हड़प्पा वास्तुकला और जीवन शैली के अनुभव के लिए लोथल मिनी मनोरंजनचार थीम पार्क (स्मृति थीम पार्कसमुद्री थीम पार्कजलवायु थीम पार्क तथा साहसिक और मनोरंजन थीम पार्कएवं  हड़प्पा काल से लेकर आज तक की भारत की समुद्री विरासत को उजागर करने वाली चौदह गैलरी शामिल हैं। इसके अतिरिक्तभारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विविध समुद्री विरासत को प्रदर्शित करने वाला एक तटीय राज्य मंडप भी होगा।

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