उच्च प्राथमिक स्कूल (कंपोजिट) के रसोई घर में फन फैलाए बैठा था कोबरा, कोबरा सांप को देखकर स्कूली बच्चे, टीचर्स और रसोइया डरे सहमें, किया गया सुरक्षित रेस्क्यू,
इस समय बरसात का मौसम चल रहा है सांपों का निकलना अधिक हो गया है स्कूल हो, अस्पताल हो या फिर आम जनजीवन की आबादी हो, सभी जगह सांप घुस जाते हैं और लोग डर जाते हैं, जनपद इटावा के जसवंतनगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत थाना बैदपुर के पास ग्राम नगला छत्ते में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट में लगभग डेढ़ सौ छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं, आज जब सुबह स्कूल खुला सभी छात्र-छात्राएं कक्षाओं में पढ़ने के लिए पहुंच गए लेकिन कुछ ही देर बाद बच्चों के लिए मिड डे मील बनाने रसोईया पहुंचे उन्होंने रसोई का ताला खोला तो देखा कि कोबरा नाग बीच में बैठा हुआ है जिस कारण से स्टाफ डर गया और बच्चों को बाहर न निकलने की हिदायत देते हुए डरे सहमे स्टाफ ने वन विभाग से संपर्क किया, दूसरी ओर बच्चों के खाना बनाने में बाधा उत्पन्न हो गई, रसोईया सभी डरे हुए कोई भी अंदर घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था, स्कूल की प्रधानाध्यापक ने वन विभाग को सूचना के बाद वहां पर रेस्क्यू करने पहुंची टीम वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ आशीष त्रिपाठी ने रसोई में बैठे हुए काले नाग का रेस्क्यू किया और उसको सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया, स्कूल की प्रधानाचार्य अभिलाषा तिवारी ने बताया कि जब बच्चों के लिए खाना बनाने रसोईया आ गई और खाना बनाने की तैयारी शुरू की तो देखा कि बीच रसोई में कोबरा काला नाग फन फैलाए हुए बैठा है, तो उस समय सभी डर गए, बच्चों को बाहर न आने के लिए कहा गया और तब तक कोई काम नहीं हो पा रहा था, जब रेस्क्यू करने वाली टीम आ गई सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया, तब जाकर राहत की सांस ली, बच्चे डरे हुए थे और पूरा स्टाफ डर गया था क्योंकि हम लोग जानते थे की काला नाग में बहुत अधिक जहर होता है, थोड़ी सी चूक में कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है लेकिन अब राहत की सांस ले ली है। रेस्क्यू करने वाले वन्य जीव विशेषज्ञ डॉक्टर आशीष त्रिपाठी ने बताया कि इस ब्लैक कोबरा का साइज लगभग 3 फुट से अधिक है और यह काली नागिन है, इसको नाजा नाजा भी कहते हैं यह जहरीली होती है और इस बरसात के मौसम में अधिकांश इस तरह के सांप बाहर निकल आते हैं तो लोगों से अपील है कि डरे नहीं, सूझबूझ से काम लें और सावधानी रखते हुए वन विभाग को सूचित करें, रेस्क्यू करवाएं, मारे बिलकुल नहीं, जिससे कि उनको सुरक्षित आवास में छोड़ जाए, यहां पर रसोई में बैठे हुए सांप का सुरक्षित रेस्क्यू करके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया है।




